नमक की तरह
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राज करने के लिए
किसी को नाराज़ करना जरूरी नहीं है
जग जीतने के लिए
जंग जीतने की बात करना
निहायत मूर्खतापूर्ण प्रस्ताव है
जरूरी नहीं कि
हीरो की तरह हो इंट्री
फिल्म खत्म होने के बाद
गूंजा जा सकता है पार्श्व- संगीत की तरह
उपस्थिति जब अनुभूति बन जाती है
बढ़ जाता है जीने और जिमने का स्वाद
बगैर किसी शोर-शराबे के
घुला जा सकता है किसी के जीवन में नमक की तरह।
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राज करने के लिए
किसी को नाराज़ करना जरूरी नहीं है
जग जीतने के लिए
जंग जीतने की बात करना
निहायत मूर्खतापूर्ण प्रस्ताव है
जरूरी नहीं कि
हीरो की तरह हो इंट्री
फिल्म खत्म होने के बाद
गूंजा जा सकता है पार्श्व- संगीत की तरह
उपस्थिति जब अनुभूति बन जाती है
बढ़ जाता है जीने और जिमने का स्वाद
बगैर किसी शोर-शराबे के
घुला जा सकता है किसी के जीवन में नमक की तरह।
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