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मई, 2020 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं
बात जो सबसे जरुरी है ****************** कुछ बातें पूछी नहीं जातीं कुछ बातें कही नहीं जाती सिर्फ महसूस की जाती हैं जरा सा भी चूक हुई  कि नष्ट हो जाती है मर्यादा मनुष्य, मनुष्य नहीं रह जाता इसलिए जो बात पूछी न जाए उसे जरूर पूरी की जाए और जो बात कही न जाए उसे ध्यान से सुना जाए ध्यान रहे जो बातें सबसे जरुरी होती हैं उन्हें कहना-सुनना जरूरी नहीं होता।
इतनी शक्ति हमें देना दाता...! ********************** इन दिनों दर्द की कोई दवा नहीं अलबत्ता  दवा के लिए दर्द है निंदा और स्तुति में क्या फर्क है? कब कौन क्या बोल दे और सब हो जाएं चुप केवल देखें एक-दूसरे का मुंह सब अपने-अपने अंधेरे में दीपक जलाए बैठे हैं नदी का पानी गंदला हो गया है लेकिन सब घाटों ने बदल डाले हैं  अपने नाम कहने लगे हैं स्वयं को हरिश्चंद्र घाट मालूम नहीं कब मृतात्माओं को अदालत में पेश होने का हो जाए समन घर -वापसी की अनिश्चितता में ठिठकने लगा है पहला कदम मनुष्यत्व का कोई मार्ग सुरक्षित नहीं अचानक भीड़ बदल जाती है भेड़िये की शक्ल में प्रार्थना में उठे हाथ हवा में लटक जाते हैं धरती रक्त रंजित हो जाती है लुढ़क जाती है एक और लाश अस्पताल के बाहर भी चलता रहता है अंत्य परीक्षण क‌ई- क‌ई दिनों तक और हम एक बार फिर खडे हो जाते हैं उपासना गृह में गुनगुनाने लगते हैं- इतनी शक्ति हमें देना दाता.......!