रिंग मास्टर
*********
शेर तब तक शेर है,जब तक जंगल में है
सर्कस के पिंजरे में वह चूहे से भी कमजोर है
जैसे ही खत्म होती है उसकी स्वच्छंदता
वह अपनी चाल भूल जाता है
बदल जाती है उसकी आवाज
वह मात्र निर्देशों का पालन करता है
पिंजर क्षमताओं का आकलन नहीं करता
और इसका उपयोग तो कतई नहीं
वह तो शक्ति से मनोरंजन करता है
लोग भी मनोरंजन करते हैं
कोई आश्चर्य नहीं कि
शेरों की संख्या कम होती जा रही हैं
शायद और भी कम हो जायेंगी
और बढ़ भी जाए तो क्या
एक रिंग मास्टर
अनेक शेरों को नचा सकता है अपने इशारों पर
चिंता नहीं करो मित्रों!
सर्कस का खेल जारी रहेगा।
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शेर तब तक शेर है,जब तक जंगल में है
सर्कस के पिंजरे में वह चूहे से भी कमजोर है
जैसे ही खत्म होती है उसकी स्वच्छंदता
वह अपनी चाल भूल जाता है
बदल जाती है उसकी आवाज
वह मात्र निर्देशों का पालन करता है
पिंजर क्षमताओं का आकलन नहीं करता
और इसका उपयोग तो कतई नहीं
वह तो शक्ति से मनोरंजन करता है
लोग भी मनोरंजन करते हैं
कोई आश्चर्य नहीं कि
शेरों की संख्या कम होती जा रही हैं
शायद और भी कम हो जायेंगी
और बढ़ भी जाए तो क्या
एक रिंग मास्टर
अनेक शेरों को नचा सकता है अपने इशारों पर
चिंता नहीं करो मित्रों!
सर्कस का खेल जारी रहेगा।
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