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हम गुगल के अग्रज हैं
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अब बच्चे सवाल नहीं करते
बड़े- बुजुर्ग भी उनसे सवाल नहीं पूछते
अलबत्ता, जवाब सबके पास है
गजब का आत्मविश्वास है!


कौन कहता है कि दुनिया में
मुफ़्त में कुछ भी नहीं मिलता
आओ,सखे! इस उदार देश में
हम हर मुद्दे पर नि: शुल्क राय देते हैं


दुनिया कायल है हमारी बुद्धिमत्ता की
अगर मालूम हो दीवारों को पढ़ने  की कला
आप पा सकते हैं जटिल समस्याओं का समाधान
यहां गठिया का रोगी
विज्ञापन देखकर दौड़ने लगता है
मात्र पन्द्रह दिनों की ब्युटी टिप्स से
पन्द्रह साल छोटी दिखने लगती है पत्नी
कंचन काया से लौट जाती है पूरे घर की रौनक
एक काॅल में ही दिख जाता है भविष्य
इसीलिए हम हैं बिंदास, निर्भय

वैसे राय देना हमारी पुरातन परंपरा है
आजकल हम और आगे बढ़ गये हैं
अब हम अपनी राय मनवाते भी हैं
हम रायबहादुर के सच्चे वंशज हैं
यकीन मानिए,हम ही गुगल के अग्रज हैं।

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बिना पूंजी के रोजगार ***************** आलीशान, ऊंचे महल में चींटियां  छिद्र ढूंढ़ती हैं एक नौसिखुआ आलोचक उत्तम कलाकृति की खामियां गिनाता है कोई कुटिल,कुपाठी हर प्रसंग में अपना टांग अड़ाता है नौका में सवार मुफ्तखोर, निठल्ला नखों से नाव में छेद बनाता है कोई दुस्साहसी मुंह ऊपर उठाकर आकाश पर जोर से थूकता है बिना पूंजी के इतने सारे रोजगार हैं यहां मंदबुद्धि मंदी पर मगजमारी कर रहे हैं।
बात जो सबसे जरुरी है ****************** कुछ बातें पूछी नहीं जातीं कुछ बातें कही नहीं जाती सिर्फ महसूस की जाती हैं जरा सा भी चूक हुई  कि नष्ट हो जाती है मर्यादा मनुष्य, मनुष्य नहीं रह जाता इसलिए जो बात पूछी न जाए उसे जरूर पूरी की जाए और जो बात कही न जाए उसे ध्यान से सुना जाए ध्यान रहे जो बातें सबसे जरुरी होती हैं उन्हें कहना-सुनना जरूरी नहीं होता।